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Shiv Puran Katha in Hindi

Shiv Puran Katha in Hindi

Stream Panther Network 76 Episodes Jul 19, 2026

शिव पुराण सभी पुराणों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण व सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली पुराणों में से एक है। इसमें भगवान शिव के विविध रूपों, अवतारों, ज्योतिर्लिंगों, भक्तों और भक्ति का विशद् वर्णन किया गया है। शिव के कल्याणकारी स्वरूप का तात्त्विक विवेचन, रहस्य, महिमा और उपासना का विस्तृत वर्णन है। शिव-महिमा, लीला-कथाओं के अतिरिक्त इसमें पूजा-पद्धति, अनेक ज्ञानप्रद आख्यान और शिक्षाप्रद कथाओं का सुन्दर संयोजन है।

Episodes

भगवान शिव की बारात का हिमालयपुरी की ओर प्रस्थान | शिव पुराण - श्री रुद्र संहिता - अध्याय 40
भगवान शिव की बारात का हिमालयपुरी की ओर प्रस्थान | शिव पुराण - श्री रुद्र संहिता - अध्याय 40 Jul 19, 2026 00:05:47 भगवान शिव की बारात का हिमालयपुरी की ओर प्रस्थान, शिव पुराण के अध्याय 40 में भगवान शिव की दिव्य बारात के हिमालयपुरी की ओर प्रस्थान का अद्भुत वर्णन किया गया है। इस अध्याय में नंदी, वीरभद्र, भैरव, शिवगण, भगवान विष्णु, ब्रह्माजी, इंद्र, ऋषि-मुनि, गंधर्व, किन्नर तथा समस्त देवताओं के साथ भगवान शिव की अलौकिक बारात का भव्य दृश्य प्रस्तुत किया गया है।यदि आप शिव पुराण का सम्पूर्ण पाठ, भगवान शिव की कथाएँ, शि
शिवजी का देवताओं को निमंत्रण | शिव पुराण - श्री रुद्र संहिता - अध्याय 39
शिवजी का देवताओं को निमंत्रण | शिव पुराण - श्री रुद्र संहिता - अध्याय 39 Jul 12, 2026 00:08:14 शिव पुराण के अध्याय 39 में भगवान शिव द्वारा अपने दिव्य विवाह के लिए समस्त देवताओं, ऋषियों, सिद्धों और लोकपालों को निमंत्रण देने का पावन प्रसंग वर्णित है। नारदजी भगवान शिव का संदेश लेकर सभी देवताओं को आमंत्रित करते हैं। कैलाश पर्वत पर देवताओं का आगमन, शिवजी का दिव्य श्रृंगार और शिव-पार्वती विवाह की भव्य तैयारियाँ इस अध्याय की मुख्य विशेषताएँ हैं।यदि आप शिव महापुराण की संपूर्ण कथा सुन रहे हैं, तो यह
शिव पुराण - विश्वकर्मा द्वारा दिव्य मंडप की रचना | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 38
शिव पुराण - विश्वकर्मा द्वारा दिव्य मंडप की रचना | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 38 Jul 5, 2026 00:07:09 शिव पुराण के अध्याय 38 में विश्वकर्मा द्वारा भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह के लिए बनाए गए अद्भुत मंडप का विस्तृत वर्णन मिलता है। शैलराज हिमालय के आदेश पर देवताओं के शिल्पी विश्वकर्मा ने ऐसा अलौकिक मंडप तैयार किया जिसे देखकर देवता, ऋषि और स्वयं भगवान शिव भी आश्चर्यचकित हो गए।इस अध्याय में दिव्य मंडप, देवताओं के लोकों, सुंदर मूर्तियों, स्वर्गीय सजावट और शिव विवाह की भव्य तैयारियों का अत्य
हिमालय का लग्न पत्रिका भेजना | शिव पुराण | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 37
हिमालय का लग्न पत्रिका भेजना | शिव पुराण | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 37 Jun 28, 2026 00:05:02 शिव पुराण के अध्याय 37 में वर्णन मिलता है कि कैसे शैलराज हिमालय ने भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह हेतु लग्न पत्रिका तैयार करवाई और उसे कैलाश पर्वत पर भगवान शिव के पास भेजा। इस अध्याय में विवाह की तैयारियों, शुभ मुहूर्त, देवताओं के आमंत्रण और शिव-पार्वती विवाह के पवित्र प्रसंग का सुंदर वर्णन किया गया है।यदि आप शिव पुराण की सम्पूर्ण कथा सुनना चाहते हैं, तो इस अध्याय को अंत तक अवश्य सुनें।🔱
सप्तऋषियों का शिव के पास आगमन | शिव पुराण | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 36
सप्तऋषियों का शिव के पास आगमन | शिव पुराण | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 36 Jun 21, 2026 00:02:42 शिव पुराण के अध्याय 36 में सप्तऋषि कैलाश पर्वत पहुँचकर भगवान शिव को हिमालय और मैना की स्वीकृति का समाचार देते हैं। वे भगवान शिव से वैदिक रीति से देवी पार्वती का पाणिग्रहण संस्कार करने का अनुरोध करते हैं। इस अध्याय में शिव-पार्वती विवाह की तैयारियों का शुभारंभ होता है और सभी देवताओं, ऋषियों तथा दिव्य शक्तियों को विवाह में आमंत्रित करने की चर्चा होती है।✔ सप्तऋषियों का कैलाश आगमन✔ भगवान शिव को विवाह
हिमालय का शिवजी के साथ पार्वती के विवाह का निश्चय करना | शिव पुराण | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 35
हिमालय का शिवजी के साथ पार्वती के विवाह का निश्चय करना | शिव पुराण | श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 35 Jun 14, 2026 00:04:44 शिव पुराण के अध्याय 35 में सप्तऋषियों और देवी अरुंधती द्वारा हिमालय और मैना को समझाने के बाद शिव-पार्वती विवाह का निर्णय लिया जाता है। हिमालय भगवान शिव की महिमा को स्वीकार करते हुए अपनी पुत्री पार्वती को शिवजी की अमानत घोषित करते हैं। सप्तऋषि पार्वती को आशीर्वाद देते हैं और विवाह के लिए शुभ मुहूर्त निर्धारित करते हैं।इस अध्याय में जानिए:✔ भगवान शिव की सर्वोच्च महिमा✔ हिमालय द्वारा विवाह की स्वीकृत
पद्मा–पिप्पलाद की कथा | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता -अध्याय 34
पद्मा–पिप्पलाद की कथा | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता -अध्याय 34 Jun 7, 2026 00:07:16 शिव पुराण के चौंतीसवें अध्याय में देवी पद्मा और ऋषि पिप्पलाद की प्रेरणादायक कथा मिलती है। इस अध्याय में देवी पद्मा के पतिव्रत धर्म, धर्मराज द्वारा ली गई परीक्षा, शाप और वरदान का वर्णन है।इस कथा में बताया गया है कि कैसे देवी पद्मा ने अपने वृद्ध पति पिप्पलाद के प्रति अटूट निष्ठा दिखाई और धर्मराज से वरदान प्राप्त किया।
राजा अनरण्य और पद्मा विवाह की कथा - शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 33
राजा अनरण्य और पद्मा विवाह की कथा - शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 33 Jun 1, 2026 00:06:15 शिव पुराण के तैंतीसवें अध्याय में जानिए राजा अनरण्य, उनकी पुत्री पद्मा और ऋषि पिप्पलाद की अद्भुत कथा। इस अध्याय में धर्म, त्याग, कुल रक्षा और भाग्य की गहरी शिक्षा मिलती है। सुनिए शिव पुराण अध्याय 33 हिंदी में और जानिए कैसे राजा अनरण्य ने अपने कुल की रक्षा के लिए कठिन निर्णय लिया।✨ इस वीडियो में:राजा अनरण्य की कथादेवी पद्मा का विवाहऋषि पिप्पलाद की कहानीधर्म और त्याग का महत्वशिव पुराण हिंदी कथाअगर आ
वशिष्ठ मुनि का उपदेश - शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 32
वशिष्ठ मुनि का उपदेश - शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 32 May 24, 2026 00:06:25 शिव पुराण के बत्तीसवें अध्याय में महर्षि वशिष्ठ हिमालय को भगवान शिव के वास्तविक स्वरूप का ज्ञान कराते हैं। इस अध्याय में शिव-पार्वती विवाह का महत्व, भगवान शिव की महिमा और देवी पार्वती के दिव्य स्वरूप का सुंदर वर्णन मिलता है।महर्षि वशिष्ठ बताते हैं कि भगवान शिव स्वयं सृष्टि के पालनकर्ता और परमेश्वर हैं तथा देवी पार्वती आदिशक्ति हैं। यह अध्याय शिवभक्तों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक है।
सप्तऋषियों ने हिमालय और मैना को समझाया | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 31
सप्तऋषियों ने हिमालय और मैना को समझाया | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 31 May 17, 2026 00:09:33 शिव पुराण के इकतीसवें अध्याय में सप्तऋषियों का हिमालय के घर आगमन और देवी मैना को समझाने की कथा वर्णित है। इस अध्याय में सप्तऋषि हिमालय और मैना को भगवान शिव की महिमा बताते हैं और समझाते हैं कि पार्वती का विवाह शिवजी से ही होना चाहिए।इस कथा में तारकासुर के अत्याचार, शिव-पुत्र की आवश्यकता, पार्वती की तपस्या और शिव-पार्वती विवाह के दिव्य कारण का वर्णन मिलता है।shiv puran adhyay 31, shiv puran chapter
ब्राह्मण वेष में पार्वती के घर गए शिव | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 30
ब्राह्मण वेष में पार्वती के घर गए शिव | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 30 May 11, 2026 00:05:07 शिव पुराण के तीसवें अध्याय में भगवान शिव ब्राह्मण वेष धारण करके शैलराज हिमालय के घर जाते हैं। वहाँ वे हिमालय को पार्वती और शिव विवाह के विषय में परखते हैं और शिवजी के गुण-दोषों की चर्चा करते हुए हिमालय की परीक्षा लेते हैं।इस अध्याय में भगवान शिव की लीला, हिमालय की भक्ति, पार्वती की पहचान और शिव-पार्वती विवाह से पहले की दिव्य परीक्षा का वर्णन मिलता है।
शिवजी द्वारा हिमालय से पार्वती को मांगना | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 29
शिवजी द्वारा हिमालय से पार्वती को मांगना | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता - अध्याय 29 Apr 26, 2026 00:07:27 शिव पुराण के उनतीसवें अध्याय में भगवान शिव द्वारा हिमालय से माता पार्वती का हाथ मांगने की अद्भुत कथा वर्णित है। इस अध्याय में शिवजी की लीला, उनकी माया और पार्वती जी के प्रति उनके दिव्य प्रेम का सुंदर वर्णन मिलता है।इस कथा में बताया गया है कि कैसे भगवान शिव नट रूप धारण करके हिमालय और मैना की परीक्षा लेते हैं, और अंत में उनके मन में पश्चाताप उत्पन्न होता है। यह अध्याय भक्ति, श्रद्धा और भगवान की लीला

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