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Puliyabaazi Hindi Podcast पुलियाबाज़ी हिन्दी पॉडकास्ट

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Policy, Politics, Tech, Culture, and more... 347 Episodes Sep 17, 2026

A Hindi podcast that features in-depth conversations on politics, public policy, technology, philosophy, and other interesting topics. Hosted by tech entrepreneur Saurabh Chandra, public policy researcher Pranay Kotasthane, and writer-cartoonist Khyati Pathak, the show brings expert guests for casual yet thoughtful discussions. The title and intro describe late-night chats on a bridge (pulia) solving complex world problems in everyday language.

Episodes

सरकार क्या है: गब्बर या रॉबिनहुड? Myths in Public Finance and India's Economy ft. Sarthak Pradhan
सरकार क्या है: गब्बर या रॉबिनहुड? Myths in Public Finance and India's Economy ft. Sarthak Pradhan Sep 17, 2026 4744 इस एपिसोड में हम प्रणय कोटस्थाने और सार्थक प्रधान के साथ पब्लिक फाइनेंस और भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम मिथकों पर चर्चा करते हैं। सरकार किस पर सबसे ज़्यादा पैसा खर्च करती है? Interest rates कब बहुत ज़्यादा माने जाते हैं? और सरकारों के लिए कर्ज़ लेना कब सही होता है? इन सब महत्वपूर्ण और दिलचस्प सवालों पर आज की पुलियाबाज़ी।We discuss:* Sarkaar Kya Hai? Gabbar ya Robinhood?* Myths in Public Finance
डेरी में नंबर वन, पर 'वे' एक्सपोर्ट में पीछे क्यों? | India’s Missing Food Exports
डेरी में नंबर वन, पर 'वे' एक्सपोर्ट में पीछे क्यों? | India’s Missing Food Exports Sep 10, 2026 2944 भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश माना जाता है, पर जब बात ‘वे’ (Whey) प्रोटीन निर्यात करने की आती है, तो हम पीछे क्यों रह जाते हैं? इस एपिसोड में हम भारतीय डेरी उद्योग की ज़मीनी हक़ीकत को खंगालते हैं। ख़राब उत्पादकता (productivity), प्राइवेट कंपनियों के लिए चुनौतियाँ, और सरकार द्वारा लगाए गए 40% इम्पोर्ट ड्यूटी जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हैं। साथ ही यह समझने की कोशिश करते हैं कि जब बाज़ार मे
भारतीय महिलाओं की श्रमबल में हिस्सेदारी इतनी कम क्यों? What is keeping Indian Women out of the Workforce?
भारतीय महिलाओं की श्रमबल में हिस्सेदारी इतनी कम क्यों? What is keeping Indian Women out of the Workforce? Sep 3, 2026 1967 आज पुलियाबाज़ी पर एक नया फॉर्मेट आज़माने की कोशिश की है। सौरभ ने इसे नाम दिया है जुगनी। जुगनी की तरह मन मुताबिक हम किसी एक विषय को टटोलेंगे। चर्चा के बदले किसी एक विषय की क्लास लगेगी। प्रणय ने इसे नाम दिया है पुलियाबाज़ी प्रवचन। श्रोता लोग भी कुछ नाम सुझा सकते हैं। पसंद आएगा तो लॉक कर देंगे। ये नया फॉर्मेट आप को पसंद आया की नहीं ये भी बताइये। भविष्य में चर्चा तो जारी रहेगी ही, बीच बीच में कुछ क्लास
डिजिटल पेमेंट का गणित | Should UPI be free?
डिजिटल पेमेंट का गणित | Should UPI be free? Aug 27, 2026 3701 भारत में डिजिटल पेमेंट्स की क्रांति लाने वाले UPI पर सरकार अब कुछ शुल्क लगाना चाहती है। कई लोगों का मानना है कि ये एक “पब्लिक गुड” है जिसका खर्चा सरकार को ही उठाना चाहिए। आज पुलियाबाज़ी पर हम चर्चा करेंगे कि इसे लोकनीति के दृष्टिकोण से कैसे समझें? क्या डिजिटल पेमेंट्स नेटवर्क को सिर्फ सरकार के भरोसे छोड़ना सही है या फिर इसमें प्राइवेट कॉम्पिटिशन की जरूरत है? क्या UPI वाकई एक Public Good है? इन्हीं स
भारतीय उदारवाद: राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक आज़ादी की ओर। The Dilemma of an Indian Liberal ft. Gurcharan Das
भारतीय उदारवाद: राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक आज़ादी की ओर। The Dilemma of an Indian Liberal ft. Gurcharan Das Aug 20, 2026 5530 उदारवाद को लेकर हमारे देश में कई तरह की ग़लतफ़हमियाँ देखने को मिलती हैं। क्या यह केवल एक पश्चिमी सोच है, या हमारे अपने इतिहास, भक्ति आंदोलन और ‘धर्म’ की जड़ों में भी इसकी गहरी झलक मिलती है? आज की पुलियाबाज़ी में प्रसिद्ध लेखक और चिंतक गुरचरण दास जी के साथ हम इसी विषय पर बारीकी से चर्चा करेंगे।गुरचरण दास जी ने भारत की आज़ादी से लेकर अब तक का सफर करीब से देखा है। उनके जीवन से किस्से, कहानियाँ और फलसफ
सफ़रनामा: ब्रिस्बेन, लंडन, केंटकी। Australian Outdoors, London Museums, GE in Kentucky
सफ़रनामा: ब्रिस्बेन, लंडन, केंटकी। Australian Outdoors, London Museums, GE in Kentucky Aug 13, 2026 3590 दुनिया की सैर केवल नई जगहों को देखने का नाम नहीं है, बल्कि नए विचारों, शहरों के डिज़ाइन और पब्लिक लाइफ को समझने का एक अनूठा ज़रिया भी है। आज की पुलियाबाज़ी में हम लेकर आए हैं एक और सफरनामा। प्रणय, सौरभ और ख्याति के हालिया सफ़र और अनुभवों के ज़रिये हम चर्चा करेंगे कि कैसे बेहतर डिज़ाइन के ज़रिये रस्ते सुरक्षित और शहर सुंदर बन सकते है। साथ ही हम टटोलेंगे कुछ सवाल जैसे कि अच्छे म्यूजियम बनाना किसकी जिम
तेज़ विकास, लेकिन घटती उत्पादकता। India’s Productivity Problem ft. Amit Basole
तेज़ विकास, लेकिन घटती उत्पादकता। India’s Productivity Problem ft. Amit Basole Aug 6, 2026 4524 भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। लेकिन अगर अर्थव्यवस्था इतनी तेज़ी से बढ़ रही है, तो रोजगार को लेकर चिंता क्यों बनी हुई है? क्या भारत में सचमुच “जॉबलेस ग्रोथ” हो रही है, या कहानी इससे कहीं ज़्यादा दिलचस्प है?इस पुलियाबाज़ी में हमारे साथ हैं अर्थशास्त्री प्रो. अमित बसोले। हम बात करते हैं लेबर प्रोडक्टिविटी यानी श्रम उत्पादकता की। यह क्या होती है? क्या प्रोडक्टिविटी बढ
जनगणना से उभरती भारत के एकीकरण की कहानी। Census & the Making of Modern India ft. Shivakumar Jolad
जनगणना से उभरती भारत के एकीकरण की कहानी। Census & the Making of Modern India ft. Shivakumar Jolad Jul 23, 2026 4486 आज की पुलियाबाज़ी में हम चर्चा कर रहे हैं भारत की जनगणना और प्रशासनिक ढाँचे के इतिहास और उसके महत्व पर। 19वीं सदी की Life Expectancy से लेकर ज़िलों के विकास की दास्तान और महाराजाओं की महात्वाकांक्षाओं पर लगाम कसने तक, यह एपिसोड जनगणना के आंकड़ों से आधुनिक भारत के निर्माण की एक अनोखी कहानी पेश करता है। जानिए कि कैसे Census के सवाल वक्त के साथ बदलते गए और कैसे यह डेटा हमारे समाज और नीतियों को आकार दे
पानी से पेट्रोल, Wiki में भी मार्केट, और AI संप्रभुता की बहस। E20 Petrol, Markets in Wiki, AI Sovereignty
पानी से पेट्रोल, Wiki में भी मार्केट, और AI संप्रभुता की बहस। E20 Petrol, Markets in Wiki, AI Sovereignty Jul 9, 2026 4008 क्या E20 पेट्रोल यानी 20% इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल सचमुच भारत के हित में है, या हम अनजाने में अपनी पानी और खाद्य सुरक्षा दांव पर लगा रहे हैं? क्या आम जनता को अपनी गाड़ियों के लिए फ्यूल चुनने का ऑप्शन मिलना चाहिए? इसके साथ ही, एपिसोड में कुछ दिलचस्प TIL फैक्ट्स और टेक्नोलॉजी की दुनिया के हॉट टॉपिक ‘AI Sovereignty’ यानी डिजिटल संप्रभुता पर भी एक मज़ेदार चर्चा शामिल है।We discuss:* Issues with E20* People
चुनाव, पैसा और हमारा लोकतंत्र: The Cost of Politics in India ft. Niranjan Sahoo, Ambar Kumar Ghosh
चुनाव, पैसा और हमारा लोकतंत्र: The Cost of Politics in India ft. Niranjan Sahoo, Ambar Kumar Ghosh Jun 25, 2026 5380 आज की पुलियाबाज़ी में हम बात कर रहे हैं राजनीति और पैसे के उस गहरे गठजोड़ की, जो हमारे लोकतंत्र पर सीधा असर डालता है। आखिर हमारे राजनेताओं को चुनावों में इतना पैसा कहाँ और क्यों ख़र्च करना पड़ता है? क्या वोट ख़रीदने की प्रथा और वोटरों की बढ़ती बेरुखी हमारे चुने हुए प्रतिनिधियों के चेहरे बदल रही है? इस चर्चा में हम टटोलेंगे कि चुनावी चंदे के इस खेल में इतनी असमानता क्यों है, क्या 'वन नेशन वन इलेक्श
एक देश, एक परीक्षा और अंतहीन दबाव: क्या वाकई कोई और रास्ता नहीं है? One Nation, One Exam, One Deep Crisis
एक देश, एक परीक्षा और अंतहीन दबाव: क्या वाकई कोई और रास्ता नहीं है? One Nation, One Exam, One Deep Crisis Jun 11, 2026 3999 क्या ‘एक देश, एक परीक्षा’ का फॉर्मूला हमारे स्टूडेंट्स के लिए एक बड़ा जाल बन चुका है? जब नीट (NEET) जैसी एक इकलौती परीक्षा लाखों बच्चों का भविष्य तय करने लगती है, तो स्टूडेंट्स पर तनाव का पहाड़ टूटना लाज़मी है। आज की पुलियाबाज़ी में हम इसी गंभीर मुद्दे की तह तक जाएंगे। हम चर्चा करेंगे कि क्या हमारी परीक्षाएं विद्यार्थियों की काबिलियत परख रही हैं या सिर्फ एक छटाई का साधन बनकर रह गई हैं? दुनिया भर के कॉ
चीन के युद्धों से भारत के लिए सबक। How Does China Fight Its Wars ft. Vijay Gokhale, Former Foreign Secretary of India
चीन के युद्धों से भारत के लिए सबक। How Does China Fight Its Wars ft. Vijay Gokhale, Former Foreign Secretary of India Jun 4, 2026 3799 आज की मल्टीपोलर दुनिया में भारत के लिए चीन और उसकी रणनीति को समझना बेहद ज़रूरी हो गया है। पिछले कुछ सालों में सीमा पर झड़पें हों या 1962 के युद्ध की कड़वी यादें, भारत की तरफ चीन का रवैया अक्सर एक पहेली समान लगता है। इसी गुत्थी को सुलझाने के लिए आज की इस पुलियाबाज़ी में हमारे साथ जुड़ते हैं भारत के पूर्व विदेश सचिव विजय गोखले जी। चीन का ग्रेज़ोन वारफेयर हो या कूटनीतिक दाव-पेच, चीन युद्ध कैसे करता है इस

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