
Iti Itihaas
This podcast, hosted by Nitin Thakur, narrates fascinating, shocking and startling historical occurrences in short two-to-three-minute episodes. Each episode presents a chronicled event as a short story, covering topics like wars, tragic downfalls of leaders, conspiracies in royal courts, or unusual obsessions of famous performers. The show aims to bring forward lesser-known stories from history that often remain buried in heavy history books.
Episodes

नाज़ी कमांडर को चूना लगाने वाले जालसाज़ ने कोर्ट में अपनी ही ठगी का सबूत क्यों दिया?: इति इतिहास, Ep 209
इस दुनिया ने एक से बढ़कर एक ठग देखे हैं - किसी ने इन्वेस्टमेंट स्कीम का लालच देकर लोगों को झांसा दिया, किसी ने चेक में हेराफेरी करके बैंकों को निशाना बनाया और किसी ने तो ताजमहल तक बेच डाला. आज की कहानी एक ऐसे ही ठग की, जिसने नाज़ियों को ठगा लेकिन खुद कोर्ट में इस जालसाज़ी को साबित भी किया. मगर क्यों? सुनिए हिस्ट्री के सबसे शातिर ठग का किस्सा ‘इति इतिहास’ में. प्रड्यूसर : माज़ सिद्दीक़ी साउंड मिक्स

एक साइकिल कैसे बन गई Leo Tolstoy का सबसे बड़ा तोहफ़ा? : इति इतिहास, Ep 208
जब कभी भी महान साहित्यकारों की लिस्ट बनाई जाएगी, तो उसमें एक नाम हमेशा रहेगा - रूस के लियो टॉलस्टॉय. साहित्य की दुनिया में कुछ ही लेखकों को इतनी प्रशंसा मिली है, जितनी टॉलस्टॉय को मिली. मगर क्या आप जानते हैं कि जब 67 साल के टॉलस्टॉय पर दुखों का पहाड़ टूटा तो एक साइकिल कैसे उनके काम आई? इति इतिहास में सुनिए War and Peace के लेखक Leo Tolstoy की ज़िंदगी से जुड़ा एक किस्सा. प्रड्यूसर : माज़ सिद्दीक़ी

गणित की शक्ल बदल देने वाला Fictional Genius! : इति इतिहास, Ep 207
पहले विश्व युद्ध के बाद दुनिया की हालत बहुत खराब थी. करोड़ों लोग मारे गए और फ़्रांस ने न सिर्फ़ अपने लोग खोए, बल्कि मैथ का वो ख़ज़ाना भी गंवा दिया जिसे बनाने में सालों लगे थे. कई जाने-माने मैथमेटीशियन या तो युद्ध में मारे गए या फिर इस हालत में नहीं बचे कि दोबारा काम कर सकें. ऐसे मुश्किल समय में कुछ छात्र आगे आए, जिससे एक जीनियस निकोला बोरबाकी का जन्म हुआ. ‘इति इतिहास’ में कहानी निकोला बोरबाकी की.

'Teddy Bear' को कैसे मिला अपना नाम?: इति इतिहास, Ep 206
वैसे तो Teddy Bears बच्चों के खेलने की चीज़ हैं लेकिन बड़े भी इसके शौक से अछूते नहीं रह सके हैं. बीसवीं सदी का ये सबसे मशहूर खिलौना बन कर उभरा था. जो आज भी उतना ही पॉपुलर है. पहली बार 1902 में एक टॉफी की दुकान में बना ये टेडी बियर, पहले अमेरिका के और फिर दुनिया के लगभग सभी घरों में पहुँच गया. इसे बनाने वाले टॉफ़ी शॉप का ओनर देखते ही देखते करोड़ों का मालिक बन गया. इसे बनाने का आईडिया मिला एक शिकारी ट्

रूस के इस रहस्यमयी किसान को न ज़हर मार पाया, न तो बंदूक की गोली और न ही बर्फ़ीली नदी!: इति इतिहास, EP 205
रूस का एक ऐसा होली मैन जिसे ज़हर दिया गया, शूट किया गया, और तो और बर्फीली नदी में भी फेंका गया. मगर फिर भी वो नहीं मरा! कोई कहता था वो किसी को भी हिप्नोटाइज़ कर सकता था, किसी को भी छूकर ठीक कर सकता था. लेकिन कैसे एक छोटे से गांव से आया किसान बन गया शाही परिवार का सबसे ख़ास सलाहकार. और जिसके चलते वो बना दरबार में मौजूद बाकी लोगों की जलन का शिकार. आज के 'इति इतिहास' में कहानी रास्पुतिन की.

आज़ाद हिंद फ़ौज बनाने वाले बोस जापान जाकर करी क्यों बेचने लगे?: इति इतिहास, Ep 204
आज़ाद हिंद फ़ौज की नींव रखने वाला, जापान में असली करी का स्वाद पहुंचाने वाला और वाइसरॉय लॉर्ड हार्डिंग की हत्या की साज़िश रचने वाला - ये सभी एक ही इंसान हैं. आज के इति इतिहास में कहानी रासबिहारी बोस की, जो एक निडर क्रांतिकारी भी थे और कमाल के बावर्ची भी. प्रड्यूसर : माज़ सिद्दीक़ी साउंड मिक्सिंग : अमन पाल

एक आदत की वजह से मिली कवि को दो बार फांसी: इति इतिहास, EP 203
अंग्रेज़ी का एक मुहावरा है, ‘Foot in mouth’. इसका मतलब है ग़लत जगह पर ग़लत बात बोलना. अब ये हानिकारक तो है, लेकिन क्या इतना हानिकारक भी हो सकता है कि किसी की मौत की वजह बन जाए? सुनकर आपको हैरानी होगी लेकिन ऐसा ही कुछ हुआ था रूस के एक कवि Kondraty Ryleyev के साथ. आज के 'इति इतिहास' में कहानी Kondraty Ryleyev की. जिनके मुंह से निकले कुछ शब्द बन गए उनकी ही मौत की वजह. साउंड मिक्सिंग : अमन पाल

एक वकील का सबसे रोचक केस कैसे बना उसकी ज़िंदगी का आख़िरी मुक़दमा?: इति इतिहास, Ep 202
नज़र हटी, दुर्घटना घटी - इस लाइन को हमेशा याद रखना चाहिए, क्या पता कब कौनसा नुकसान हो जाए! क्योंकि कभी कभार नुकसान इतना बड़ा होता है कि उसकी भरपाई नहीं हो पाती. इतिहास में एक वकील ने ऐसी ही लापरवाही के चलते बहुत बड़ी गलती कर डाली. 'इति इतिहास' में कहानी क्लेमेंट वालांडीघम की जिनकी ज़िंदगी का सबसे एक्साइटिंग केस बन गया उनका आख़िरी मुक़दमा. प्रड्यूसर : माज़ सिद्दीक़ी साउंड मिक्सिंग : अमन पाल

एक अफ़वाह ने पाकिस्तान की सबसे ख़तरनाक पनडुब्बी कैसे डुबो दी?: इति इतिहास, EP 201
1971 की जंग में पाकिस्तान ने भेजी थी अपनी सबसे ख़तरनाक पनडुब्बी PNS ग़ाज़ी, INS विक्रांत को तबाह करने के लिए. मगर भारतीय नौसेना की एक अफ़वाह और मास्टरस्ट्रैटेजी ने पूरा खेल पलट दिया. सुनिए 'इति इतिहास' में, कैसे एक झूठी कहानी ने ग़ाज़ी को समंदर में डुबो दिया? प्रड्यूसर : अंकित द्विवेदी साउंड मिक्सिंग : अमन पाल

दुनिया के सबसे अनोखे आइलैंड, न्यू अटलांटिस की कहानी: इति इतिहास, Ep 200
आइलैंड जानते हैं न? वही जो चारों तरफ़ से पानी से घिरा होता है. अमूमन एक आइलैंड धरती के अंदर होने वाली किसी हरकत की वजह से बनता है. लेकिन क्या आप जानते हैं इतिहास में एक ऐसा आदमी भी था, जो खुद का आइलैंड बनाने निकल पड़ा और वो भी एक राफ़्ट की मदद से? आज के ‘इति इतिहास’ में सुनिए कहानी न्यू अटलांटिस की. प्रड्यूसर : माज़ सिद्दीक़ी साउंड मिक्सिंग : अमन पाल

एक भालू कैसे बन गया सेना का जवान?: इति इतिहास, Ep 199
भालू सुनते ही दिमाग मेें क्या आता है? जंगल में घूमता या फिर शहद खाता हुआ एक बड़ा सा जानवर. लेकिन क्या आपको पता है इतिहास में एक भालू ऐसा भी था जो आर्मी में जवान बन गया था? यहीं नहीं, वो एक सैनिक की तरह अपनी सारी ड्यूटियां भी पूरी करता था. ‘इति इतिहास’ में सुनिए कहानी इसी सोल्जर भालू की. प्रड्यूसर : माज़ सिद्दीक़ी साउंड मिक्सिंग : अमन पाल

अपने उस्ताद के सामने क्यों नाचने लगे बाबा बुल्ले शाह?: इति इतिहास, Ep 198
90s के दशक का मशहूर गाना ‘छैय्यां छैय्यां’ और मुग़ल काल के एक सूफ़ी संत के बीच क्या कनेक्शन हो सकता है? ये कहानी जुड़ती है बाबा बुल्ले शाह और उनके गुरु से. बताती है कि कैसे एक आम लड़के ने सूफिज़्म को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. कैसे बुल्ले शाह ने अपने मुर्शिद को मनाने के लिए कई सालों तक मिन्नतें की और कैसे 15वीं शताब्दी का ये गाना आज बॉलीवुड के हिट गानों में से एक बन गया? जानिए कहानी एक महान गुरु और उस

पतला होने का 20वीं सदी का नुस्खा जिसे अपनाना चाहती हैं किम कर्दाशियां!: इति इतिहास, Ep 197
आजकल लोग अपनी लाइफ़स्टाइल को लेकर बड़े सीरियस होते जा रहे हैं, तरह-तरह के फ़िटनेस ट्रेंड्स अपना रहे हैं- ये डायट, वो डायट, जिम जाना, मेंटल हेल्थ पर ध्यान देना, वगैरह. सोशल मीडिया की बदौलत लगभग रोज़ ही एक नया ट्रेंड शुरू हो जाता है. लेकिन एक समय ऐसा भी था जब लोग डायटिंग के लिए कीड़ों का इस्तेमाल करते थे. सुनिए पूरा किस्सा ‘इति इतिहास’ में.

कैथोलिक चर्च के पोप की कुर्सी पर तीन लोग कैसे आ बैठे?: इति इतिहास, Ep 196
ईसाई धर्म की सबसे बड़ी शाखा, कैथोलिक्स. इस पंथ के हेड पोप का पद हमेशा से ही महत्वपूर्ण रहा है. इतना महत्वपूर्ण कि कैथोलिक्स के लिए तो जीज़स के बाद पोप ही हैं. मगर क्या आप विश्वास कर सकते हैं कि इतिहास में एक बार इस पद पर तीन लोग विराजमान थे. वो भी एक साथ! सुनिए पूरा किस्सा ‘इति इतिहास’ में. प्रड्यूसर : माज़ सिद्दीक़ी साउंड मिक्सिंग : अमन पाल

Pepsi के पास पनडुब्बियां और जंगी जहाज़ कैसे आए?: इति इतिहास, Ep 195
कोल्ड ड्रिंक तो पी ही होगी, लेकिन क्या आपको पता है कि इसी कोल्ड ड्रिंक की एक कंपनी के पास कभी पनडुब्बियां और जंगी जहाज़ भी थे? हां, कोल्ड वॉर के दौरान सोवियत संघ और अमेरिका की तनातनी के बीच एक अनोखा सौदा हुआ, जिसने पेप्सी को बना दिया इन पनडुब्बियों और जहाजों का मालिक. सुनिए 'इति इतिहास' में. प्रड्यूसर : माज़ सिद्दीक़ी साउंड मिक्सिंग : अमन पाल

बीवियां छोड़कर अपने कुत्तों के साथ भागने वाला नवाब: इति इतिहास, Ep 194
जूनागढ़ की रियासत के आखिरी नवाब को कुत्ते बहुत पसंद थे. मतलब कुछ ज़्यादा ही पसंद. उनके पास 1 या 2 नही, बल्कि कुल 800 कुत्ते थे. इतना ही नही, हर कुत्ते को एक पर्सनल कमरा, एक अटेंडेंट और इमर्जेंसी के लिए एक टेलीफ़ोन मिला हुआ था. लेकिन ये भी उनके Obsession की झलकी भर है. जानिए पूरा किस्सा ‘इति इतिहास’ में

जिससे जंग चल रही थी, उसी को ग्रीस ने गोलियां क्यों भेजीं?: इति इतिहास, EP 193
अमूमन किसी जंग में दो पक्ष एक दूसरे पर हथियारों की बौछार करते हैं. ऐसी ही एक जंग के दौरान ग्रीस और तुर्की ने भी करने का सोचा था. लेकिन हालात कुछ और ही हो गए. ग्रीस ने तुर्की को गोला-बारूद तोहफे में भेज दिए मगर क्यों? सुनिए ‘इति इतिहास’ में.

एक चिट्ठी की बदौलत कैसे आ गए ट्रेनों में टॉयलेट्स?: इति इतिहास, EP 192
पुराने ज़माने में न सोशल मीडिया था, न मोबाइल. किसी दोस्त का हाल जानना हो या ऑफिस का काम निपटाना हो, तो चिट्ठी ही सबसे बड़ा सहारा थी. लेकिन एक बार एक ऐसी चिट्ठी लिखी गई, जो सिर्फ बात करने के लिए नहीं थी बल्कि उसने इतिहास ही बदल दिया. इस चिट्ठी की वजह से आज भारतीय रेल की हर बोगी में शौचालय मौजूद हैं. है न हैरानी की बात? कटहल की सब्जी, तेज़ गर्मी और लंबे सफर के इस कॉम्बिनेशन ने एक मुसाफिर को मजबूर कर

चीन में क्यों होने लगी थी आम की पूजा?: इति इतिहास, Ep 191
फलों का राजा आम तो हमेशा से लोगों की पसंद रहा है, लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब चीन में आम सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का प्रतीक बन गया. पूरे देश पर जैसे आम का बुखार चढ़ गया—लोगों ने इसे पूजना शुरू कर दिया, और अगर किसी ने इसकी ठीक से हिफाज़त नहीं की, तो उसे सज़ा तक झेलनी पड़ती थी. सुनिए ‘इति इतिहास’ में. प्रड्यूसर : माज़ सिद्दीक़ी साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

दिल्ली की अज़ीम 'कुतुब मीनार' ने कैसे पाया अपना नाम?: इति इतिहास, Ep 190
आपने दिल्ली की कुतुब मीनार तो देखी ही होगी. दिल्ली सल्तनत के इतिहास की कहानी कहती इस मीनार के बारे में कहा जाता है कि इसका नाम सल्तनत के पहले सुल्तान कुतुब उद दीन ऐबक के नाम पर रखा गया. लेकिन क्या वाकई ऐसा है? इति-इतिहास के इस एपिसोड में वो किस्सा, जिसमें छुपा है इस सवाल का जवाब.

दुनिया भर के प्रदर्शनों में दिखने वाले इस मास्क की कहानी क्या है?: इति इतिहास, Ep 189
इंग्लैंड की संसद को उड़ाने की नाकाम कोशिश करने वाले गाय फॉक्स का नाम इतिहास में एक गद्दार के रूप में दर्ज हुआ, लेकिन विडंबना देखिए—उसी चेहरे ने क्रांति और विरोध का सबसे बड़ा मास्क बना दिया. 'V for Vendetta' से लेकर हैकिंग ग्रुप Anonymous तक, हर आंदोलन में जलती हुई मशाल की तरह इस मास्क को उठाया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे की असली कहानी क्या है? कैसे एक असफल विद्रोह पूरी दुनिया में

सम्राट नेपोलियन को चेस में हराने वाली 'चेसमास्टर' मशीन!: इति इतिहास, Ep 188
आजकल AI से क्या कुछ मुमकिन नहीं है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज से 250 साल पहले एक मशीन थी, जिसने फ्रांस के सम्राट नेपोलियन को भी चेस में पछाड़ा था. अब ये कोई करिश्मा था या फिर कोई गड़बड़-घोटाला? 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में सुनिए यही किस्सा. प्रड्यूसर : माज़ सिद्दीक़ी साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

वो रिसर्च पेपर्स जिन्हें छू लेने भर से हो सकते हैं बीमार!: इति इतिहास, Ep 187
पेरिस में है नेशनल लाइब्रेरी ऑफ फ्रांस. साढ़े छह सौ साल पुरानी इस लाइब्रेरी में दुनिया भर से इकट्ठा किए गए मैन्युस्क्रिप्ट्स की भरमार है. इन्हीं में एक जगह रखे हैं ऐसे डॉक्यूमेंट्स जिन्हें देखने के लिए आपको एक खास तरह का फॉर्म साइन करना होता है. फॉर्म में लिखा होता है आपके किसी भी तरह के नुकसान के ज़िम्मेदार आप खुद होंगे...और शायद अगले डेढ़ हज़ार सालों तक इन कागज़ों को देखने जो आएगा उसे ये फॉर्म भ

स्वर्ग में 8000 सैनिक क्यों ले गया था एक राजा?: इति इतिहास, Ep 186
1974 में एक गांव में कुछ किसानों को कुआं खोदने के दौरान एक टैराकोटा से बना हुआ चेहरा मिला. चाइना के शियैन शहर में. ये देखकर सब चौंके. वहां एक लार्ज स्केल एक्सकेवेशन ऑपरेशन चलाया. सामने आया एक चौंकाने वाला राज़. क्या था ये राज़? सुनिए ‘इति इतिहास’ में

एयरपोर्ट ही बना घर, रहते-खाते काट दिए ज़िंदगी के 18 साल: इति इतिहास, Ep 185
एयरपोर्ट हमारे और आपके लिए सिर्फ एक प्रस्थान बिंदु है, जबकि वहां काम करने वालों के लिए ये एक वर्कप्लेस है. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शख्स की कहानी बताएंगे, जिसे पूरे 18 साल तक एयरपोर्ट पर ही रहना पड़ा. आखिर कौन था वो व्यक्ति, और उसे एयरपोर्ट पर ही रहने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ा? जानिए पूरी कहानी ‘इति इतिहास’ में. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

ये फ़ोटो न होती तो शायद न होता Google Image फ़ीचर?: इति इतिहास, Ep 184
अगर आप 90s किड है, तो J’Lo को जानते होंगे. उस दौर में न सिर्फ एक सुपरहिट पॉप सिंगर थीं, बल्कि एक स्टाइल आइकन और ग्लैमर क्वीन भी थीं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जेनिफ़र लोपेज़ कि ही एक तस्वीर कि वजह से गूगल इमेज अस्तित्व में आया? ‘इति इतिहास’ में सुनिए यही कहानी.

प्रयागराज कुंभ से कैसे दुनिया भर में पहचाना गया विश्व हिंदू परिषद?: इति इतिहास, Ep 183
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ को दुनिया का सबसे बड़ा संगठन माना जाता है. इसके बनाए कई संगठन समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हैं. इन्हीं में से एक है विश्व हिंदू परिषद. जिसकी स्थापना 60 के दशक में हुई थी. लेकिन वीएचपी को असली पहचान मिली कुंभ से. कब, क्यों और कैसे? सुनिए 'इति इतिहास' की 11वीं कड़ी में प्रड्यूसर: अंकित द्विवेदी साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

हाईकोर्ट अखाड़े के नामकरण का दिलचस्प क़िस्सा: इति इतिहास, Ep 182
महाकुंभ में अखाड़े और उनकी भव्य रैलियां हमेशा ध्यान खीचतीं हैं. अखाड़ों को आदि शंकराचार्य ने एक संगठन के रूप में विकसित किया था. एक ऐसी जगह जहां साधुओं को शस्त्र और शास्त्र दोनों की शिक्षा दी जाती थी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें से एक अखाड़े में एक हाईकोर्ट भी है? सुनिए 'इति इतिहास' की 10वीं कड़ी में.

जब अंग्रेजों ने गंगा में बहा दिए थे हज़ारों शव!: इति इतिहास, Ep 181
क्या आप जानते हैं कि साल 1906 में कुंभ में एक ऐसी त्रासदी हुई जिसके चलते ब्रिटिश सरकार ने रेलवे स्टेशन ही बंद कर दिए थे और हज़ारों लोगों ने रेलवे स्टेशन पर ही दम तोड़ दिया था? क्या थी ये त्रासदी? कौन था इसके लिए ज़िम्मेदार? सुनिए ‘इति इतिहास’ की महाकुंभ सीरीज़ के 9वें एपिसोड में. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

संगम किनारे खड़ा पेड़ जिससे हार गया था जहांगीर!: इति इतिहास, Ep 180
फारसी विद्वान अहमद अलबरूनी 1017 ईस्वी में भारत आए और अपनी किताब ‘तारीख़-अल-हिंद’ में लिखा- ‘यहां संगम के पास एक बड़ा सा वृक्ष वट वृक्ष है, जिसकी लंबी-लंबी शाखाएं हैं.” लेकिन इस पेड़ का परिचय इससे कहीं बड़ा है. सुनिए पूरा किस्सा ‘इति इतिहास’ महाकुंभ सीरीज़ के 8वें एपिसोड में प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती

कुंभ के मेले में सबकुछ लुटा देने वाला सम्राट जो चीन तक मशहूर था: इति इतिहास, Ep 179
महाकुंभ में पुण्य कमाने की दशांश थ्योरी तो सुनी होगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक राजा ऐसा भी था जो दशांश नहीं, बल्कि अपनी पूरी संपत्ति दान कर देता था? सुनिए ‘इति इतिहास’ की महाकुंभ सीरीज़ के सांतवे एपिसोड में. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

किन्नर अखाड़े में कौन शामिल हो सकता है?: इति इतिहास, Ep 178
महाकुंभ में अक्सर किन्नर अखाड़ा चर्चा का केंद्र बनता है, लेकिन किन्नर अखाड़ा क्या है, इसका महत्व क्यों है, कौन इसमें शामिल हो सकता है और ये अखाड़ा बाकी से कैसे अलग है? सुनिए ‘इति इतिहास’ की महाकुंभ सीरीज़ के छठे एपिसोड में. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती

अकबर ने संगम किनारे 'इलाहाबास' क्यों बसाया था?: इति इतिहास, Ep 177
कुंभ की प्रथा कई साल पुरानी है. इसका उल्लेख अलग अलग काल के साहित्य और रिकॉर्ड्स में भी देखने को मिलता है फिर चाहे वो हान सांग हो या बर्नियर. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मुगल बादशाह अकबर का भी कुंभ कनेक्शन है? ये हैं इति इतिहास की महाकुंभ सीरीज़ की पांचवी कड़ी. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती

800 साल पहले कुंभ में क्यों गिरा था खून?: इति इतिहास, Ep 176
इस वक्त सोशल मीडिया का हर स्पेस महाकुंभ के किस्सों और कहानियों से भरा हुआ है. इन किस्सों में कोई अखाड़ों की कहानी सुना रहा है तो कुछ लोग शाही स्नान का महत्व बता रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं एक बार इन अखाड़ों के बीच जूतम पैजार भी हो गई थी. ऐसा क्यों और कब हुआ था? सुनिए ‘इति इतिहास’ की महाकुंभ स्पेशल सीरीज़ में. प्रड्यूसर: अंकित द्विवेदी साउंड मिक्सिंग: रोहन भारती

महाकुंभ का अंग्रेज़ों और जापान से 80 साल पुराना कनेक्शन: इति इतिहास, Ep 175
12 सालों में एक बार होनेवाला महाकुंभ में करोड़ों लोग संगम में डुबकी लगाते हैं. ऐसे में सब सिस्टम से चले इसकी ज़िम्मदारी सरकार की होती है लेकिन एक बार ऐसा भी हुआ कि सरकार ने इससे अपने हाथ खींच लिए. साल था 1942 और देश में अंग्रेजी हुकूमत चला-चली की बेला में थी. तब क्यों ऐसा हुआ था. सुनिए ‘इति इतिहास’ की महाकुंभ स्पेशल सीरीज़ में. प्रड्यूसर: अंकित द्विवेदी साउंड मिक्सिंग: नितिन रावत

रानी लक्ष्मीबाई के बेटे को नागा साधुओं ने कैसे बचाया था?: इति इतिहास, Ep 174
अल्गोरिदम का अथाह सागर कुंभ की रील्स आजकल आपकी तरफ खूब फेंक रहा होगा. हर बार की तरह इस बार भी नागा सबके आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. कारण- उनसे जुड़े रहस्य और रोमांचित करती कहानियां, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही नागा साधु रानी लक्ष्मीबाई के लिए अंग्रेज़ों से भी भिड़ गए थे? सुनिए इति इतिहास की महाकुंभ स्पेशल सीरीज़ प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती

ज़िंदगी भर ये आदमी नहीं देख पाया औरत का मुंह: इति इतिहास, Ep 173
इस दुनिया में औरत के कितने सारे किरदार हैं न? वो मां है, बहन है, प्रेमिका है, बीवी है और आज तो डॉक्टर, इंजीनियर, उद्योगपति. सब कुछ है. उनके बिना ज़िंदगी की कल्पना भी करना मुश्किल है. उनके बिना तो ज़िंदगी ऐसी मालूम होती है जैसे कलरफुल ज़िंदगी से रंग ही गायब हो गए हों. लेकिन ‘इति इतिहास’ के इस एपिसोड में सुनिए कहानी एक ऐसे इंसान की जिसने बिना किसी औरत को देखे पूरी ज़िंदगी ही बिता दी. प्रड्यूसर: मान

आज़ादी के बाद पहले कुंभ में मची तबाही के ज़िम्मेदार थे नेहरू?: इति इतिहास, Ep 172
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन धूम धाम से हो रहा है. एक तरफ भारी भीड़ है, दूसरी तरफ घोड़ों पर जायज़ा लेती पुलिस. लंबा चौड़ा इंतज़ाम. मगर क्यों ज़रूरी है ये इंतज़ाम? इसके पीछे सिर्फ लॉजिक नहीं हिस्ट्री भी है. क्योंकि आज़ादी के बाद जब पहला कुंभ हुआ था तो ऐसी तबाही देखने को मिली थी जिसका इल्ज़ाम देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू के सर आया. आज के ‘इति इतिहास’ में कहानी 1954 के कुंभ की.

पुर्तगाल से जान बचाकर आए डॉक्टर के नाम पर भारत में पार्क क्यों है?: इति इतिहास, Ep 171
कहानी ऐसे पुर्तगाली की जिसकी फोटो पुर्तगीज़ नोटों पर है. उसके नाम पर लिस्बन और गोवा में बाग हैं. इस आदमी की किताबें भारत में छपीं. ये एक डॉक्टर था जो भारत भाग आया था.. लेकिन मरने के बाद इसकी कब्र खोदकर उसके अवशेषों को जलाया भी गया, सुनिए 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से. प्रोड्यूसर- अतुल तिवारी साउंड मिक्स- सूरज सिंह

जब Haley’s comet से बचने के लिए ईजाद हुई Anti Comet Pill!: इति इतिहास, Ep 170
आसमान को इमेजिन कीजिए. दिमाग में क्या आया? तारे? सूरज? चांद? इन्हीं की तरह मगर इनसे थोड़ी अलग एक और चीज़ होती है. धूम्रकेतू, बोले तो कॉमेट. शायद आपने इनका नाम सुना हो, लेकिन क्या कभी ये सुना है कि इनसे बचने के लिए किसी टेबलेट का ईजाद हुआ था? अगर नहीं सुना है तो भी कोई दिक्कत नहीं है आज सुनिए. 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में कहानी Anti-Comet Pill की. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती

Guinness Book of World Record की कहानी एक बहस से कैसे शुरू हुई?: इति इतिहास, Ep 169
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की शुरुआत 1950 के दशक में हुई, जब गिनीज ब्रेवरी के निदेशक, सर ह्यूग बीवर जब एक बहस में उलझ गए, उन्होंने 1955 में ये किताब पहली बार प्रकाशित हुई और जल्द ही विश्व प्रसिद्ध बन गई, सुनिए इसकी कहानी 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से. साउंड मिक्स- नितिन रावत

इतिहास के सबसे शक्तिशाली समुराई योद्धाओं की कहानी!: इति इतिहास, Ep 168
जापान के समुराई योद्धा. सिर्फ मुकाबले नहीं बल्कि अपने सम्मान के लिए भी लड़ने वाली कौम. आज भी ‘समुराई योद्धाओं’ को इतिहास के सबसे शक्तिशाली योद्धाओं में गिना जाता है. आज के 'इति इतिहास' में कहानी समुराई योद्धाओं को दी जाने वाली सम्मानजनक मौत से जुड़ी एक परंपरा की.

आग बुझाने वाली मशीन का पेटेंट ही आग के हवाले हो गया!: इति इतिहास, Ep 167
आदिमानव के सामने जब पहली चिंगारी भड़की होगी तो उसे देखकर उनके मन में क्या ख्याल आया होगा? पहले शायद डर, फिर अचरज और फिर ये curiosity की आखिर इससे होगा क्या? लेकिन शायद उसकी गर्माहट से ये तो समझ गए होंगे इसका तो काम ही जलाना है. लेकिन क्या आप मानेंगे कि आग बुझाने के लिए जो पहला हायड्रेंट बनाया गया था. उसके पेटेंट को भी आग ने ही लील लिया था, सुनिए 'इति इतिहास' में. प्रड्यूसर- मानव देव रावत साउंड मिक

CIA ने जब एक बिल्ली को बनाया जासूस!: इति इतिहास, Ep 166
अमेरिका और सोवियत संघ के बीच कोल्ड वॉर जारी था. उसी दौरान CIA और KGB जैसी सीक्रेट सोसाइटीज़ भी पनपीं. इनका काम बड़ा सिंपल था. एक दूसरे के खिलाफ प्लान बनाकर एक दूसरे को कमज़ोर करना. जासूसी इन दोनों ही सोसाइटीज़ का प्रिय शगल था. जासूसी के लिए ये दोनों सोसाइटीज़ किसी भी हद तक जा सकती थीं. आज के इति इतिहास में कहानी CIA के ऐसे अतरंगी प्रोजेक्ट की जिसमें बिल्लियां शामिल थीं. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउ

दो साल तक ज़मीन पर पैर न रखने वाली लड़की कैसे बचा रही थी पर्यावरण?: इति इतिहास, Ep 165
चिपको आंदोलन के बारे में आपने सुना ही होगा. इस आंदोलन में पेड़ों को काटने से बचाने के लिए लोग पेड़ से चिपक जाते थे. हम कहानी सुनाएंगे उस महिला की जो पेड़ों को बचाने के लिए 738 दिन तक पेड़ पर ही रही और जब वो उतरी तो नेशनल हीरो बन गई, सुनिए 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से.प्रड्यूसर- मानव देव रावतसाउंड मिक्स- नितिन रावत

जब एक सनकी बादशाह ने अपने नाम पर रखा महीने का नाम!: इति इतिहास, Ep 164
नाम में क्या रखा है वाली कहावत आपने सुनी ही होगी. नाम बदलने की पॉलिटिक्स से भी परिचित होंगे! आज के 'इति इतिहास' में कहानी एक ऐसे तानाशाह की जिसने इस कहावत को उलट दिया. उसका मानना था कि नाम में ही सबकुछ रखा है. प्रड्यूसर: अतुल तिवारी साउंड मिक्स: नितिन रावत

गोली लगने के बाद भी भाषण देता रहा ये राष्ट्रपति!: इति इतिहास, Ep 163
“जाको राखे साइयां मार सके न कोय!”. कहावत बहुत पुरानी है जहां तहां चरितार्थ होती है. अमेरिका के मिलवॉकी में साल 1912 में यही बात चरितार्थ हुई USA के 26वें राष्ट्रपति थियोडोर रुज़वेल्ट के बारे में जब एक स्पीच ने उनकी जान बचा ली, सुनिए किस्सा 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से. प्रड्यूस- मानव देव रावत साउंड मिक्स- नितिन रावत

जब अमेरिका ने बनाया था चांद पर परमाणु बम फोड़ने का अफलातूनी प्लान!: इति इतिहास, Ep 162
चांद सुनते ही आपके दिमाग में क्या आता है ये आपकी उम्र पर निर्भर करता है अगर आप बच्चे हैं तो मामा याद आएं, अगर जवानी फूट रही है तो शायद महबूब-महबूबा याद आए और अगर बुढ़ापा आ गया हो तो शायद चांदनी रात में बैठे अपनी ज़िंदगी के कई चांद याद कर रहे हों जो सरे आसमान बिखरे रहे. लेकिन क्या कभी ये ख्याल आता है कि उस चांद को बम से उड़ा दो? नहीं न लेकिन क्या आप जानते हैं अमेरिका को तो एक्ज़ेक्टली यही ख्याल आया

वाटरलू की जंग में मृत सैनिकों के दांत क्यों निकाल लिए गए?: इति इतिहास, Ep 160
कनाडा में एक शहर है वाटरलू. कहा जाता है कि वाटरलू की खूनी जंग में हजारों लोगों की जान गई थी. इस जंग में नेपोलियन हार गया था. ये जंग एक अजीब घटना के लिए भी जाना जाता है. दरअसल जंग में मारे गए हज़ारों सैनिकों के दांत निकाल लिए गए थे. ऐसा क्यों हुआ था जानेंगे आज के ‘इति इतिहास’ में.

शोले के 'रहीम चाचा' एके हंगल ने कराची में दर्ज़ियों की हड़ताल क्यों करवाई थी?: इति इतिहास
‘इतना सन्नाटा क्यों है भाई’ - शोले फ़िल्म के रहीम चाचा तो याद होंगे? उनका ये डायलॉग आज भी मशहूर है और मीम की शक्ल में सोशल मीडिया पर घूमता रहता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि 200 से ज़्यादा फ़िल्मों में काम करने वाले इस एक्टर ने एक बार कराची में दर्ज़ियों की हड़ताल करवा दी थी. सुनिए यही कहानी आज के 'इति इतिहास' में

ट्रेडमिल को सेहत के लिए नहीं इंसान को सुधारने के लिए बनाया गया था: इति इतिहास, Ep 158
हर जिम में एक कोना कार्डियो एक्सरसाइज का होता है जिसमें ट्रेडमिल खास तौर पर होती हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि एक्सरसाइज करने और पसीना बहाने के काम में आने वाला ट्रेडमिल कभी सज़ा देने के लिए इस्तेमाल किया जाता था. आज के इति–इतिहास में कहानी सज़ा के तौर पर ट्रेडमिल के इस्तेमाल की.

14 मैच में 114 विकेट लेने वाला भारतीय गेंदबाज़, बाबा साहब जिसके फैन थे!: इति इतिहास, Ep 157
इंटरनेशनल टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 विकेट का रिकॉर्ड इंग्लैंड के जी.ए लोमेन के नाम है. लोमेन ने 16 मैचों में ये कीर्तिमान रचा लेकिन क्या आपको पता है कि एक भारतीय गेंदबाज ने केवल 14 मैचों में ही 114 विकेट ले ली थी. आज के इति इतिहास में कहानी इसी बॉलर की, सुनिए 'इति इतिहास' में. साउंड मिक्स- नितिन रावत

दुनिया के सबसे बड़े हीरे के मिलने और तराशे जाने की कहानी: इति इतिहास
हीरे को याद करने पर हमें हीरे जड़ी अंगूठियां या कोहिनूर याद आता है. आपने भी हीरों के छोटे-छोटे टुकड़े देखे होगें! लेकिन क्या आपने कभी आधा किलो से भी बड़ा हीरा देखा है? आज के इति-इतिहास में सुनिए कहानी दुनिया के सबसे बड़े हीरे के मिलने और उसके तराशे जाने की.

साल के दिन कब से 365 किए गए और ये आइडिया किसका था?: इति इतिहास, Ep 155
रोम के इतिहास में 46 ईसा पूर्व का साल एक असाधारण साल था, जब एक साल, 445 दिन का हुआ. इसका रहस्य जूलियस सीज़र के कैलेंडर सुधारों में छिपा हैं, क्यों कैलेंडर को बदला गया और ये आईडिया किसका था? सुनिए 'इति इतिहास' में. साउंड मिक्स- नितिन रावत

मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब के बारे में संभाजी महाराज की कौन-सी भविष्यवाणी सच हुई? इति इतिहास
औरंगज़ेब का दक्कन पर काबिज़ होने का सपना मरते दम तक नहीं पूरा हो सका. मराठा राजा संभाजी महाराज ने औरंगजेब पर एक सटीक भविष्यवाणी बहुत पहले कर दी थी. क्या थी यह भविष्यवाणी? जानिए 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दबा कर ऐसा क्या खा लिया कि हट्टे-कट्टे आदमी की मौत हो गई?: इति इतिहास, Ep 153
राष्ट्रपति ज़ैकरी टेलर अमेरिका के 12वें राष्ट्रपति थे, जिनकी मौत पद पर केवल 16 महीने रहने के बाद हुई, टेलर अचानक से बीमार पड़ गए और पांच दिन बाद 9 जुलाई को उनकी मौत हो गई. पेट में गड़बड़ी हो जाने से. टेलर ने ऐसा क्या खाया था, सुनिए 'इति इतिहास' में.

इतिहास की सबसे कुख्यात महिला सीरियल किलर जो कत्ल करने के बाद खून से नहाती थी : इति इतिहास
हंगरी की एक राजकुमारी, जिसने 600 लड़कियों की बेरहमी से हत्या की और तो और उनके खून में नहाई भी. इन हत्याओं की वजह क्या थी? पकड़े जाने के बाद भी राजकुमारी को सज़ा क्यों नहीं हुई? सुनिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से.

पानी के फ़व्वारे में पेशाब करते हुए लड़के का स्टेच्यू पूरे ब्रुसेल्स शहर में क्यों लगाया गया? : इति इतिहास
ब्रुसेल्स में पानी के फ़व्वारे में पेशाब करते हुए लड़के के स्टेच्यू का इतिहास क्या है? क्यों इसे पूरे शहर में क्यों लगाया गया? सुनिए 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से.

सिकदर ने माउंट एवरेस्ट नापकर सिर्फ़ इतिहास ही नहीं बदला! दुनिया की गणित भी सुधार दी : इति इतिहास, Ep 149
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी ‘माउंट एवरेस्ट’ का नाम किसके नामपर रखा गया है? माउंट एवरेस्ट से पहले दुनिया की सबसे ऊंची चोटी कौन-सी थी? कैसे एवरेस्ट पहुंचे बिना ही एवरेस्ट को नाप दिया गया? सुनिए 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से.

सम्राट जिसे भ्रम था कि उसका शरीर शीशे का बना है: इति इतिहास, Ep 149
शीशे से बनी चीजों को बहुत सलीके से रखा जाता है क्योंकि ये नाजुक चीजें एक झटके से ही टूट जाती है. लेकिन क्या आपको पता है कि रोम में एक राजा हुआ जिसे ये भ्रम था कि उसका शरीर शीशे से बना है. इसलिए सम्राट खुद के साथ भी बहुत सावधानी से पेश आता था. कौन था वो राजा और इस भ्रम का शिकार कैसे हुआ, सुनिए उस राजा की कहानी 'इति-इतिहास' में नितिन ठाकुर से. साउंड मिक्स: नितिन रावत

सूअर ने ऐसा क्या किया जिसकी वजह से फांसी दी गई?: इति इतिहास, Ep 148
अगर आपसे कहा जाए कि एक सूअर पर मुकदमा चला और फांसी दी गई. तो आपको यकीन होगा? यकीन हो या न हो लेकिन इतिहास में ऐसा सच में हुआ है. 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से सुनिए कहानी इसी घटना की.

ऐसा क्या हुआ कि एक मछली को उड़ाने के लिए डायनामाइट लगाना पड़ गया? इति इतिहास, Ep 147
इतिहास के गर्भ में कई अजीबोगरीब कहानियां छिपी हैं. 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में सुनिए कहानी उस घटना की जब एक मछली पर आधा किलो डायनामाइट लगाकर उसके चिथड़े उड़ाए गए.

मृत्यु से पहले अल्बर्ट आइंस्टीन ने क्या कहा था?: इति इतिहास, Ep 146
18 अप्रैल 1955 को अमेरिका के प्रिंसटन हॉस्पिटल में आइंस्टीन ने अपनी उखड़ती सांस के सहारे कुछ बातें कही. जीवन के आख़िरी क्षणों में आख़िर आइंस्टीन ने क्या कहा था? क्यों वह शब्द रहस्य बनकर रह गए? सुनिए 'इति इतिहास' में. प्रड्यूसर - अतुल तिवारी साउंड मिक्सिंग - नितिन रावत

एक हज़ार साल से भी अधिक पुराना मंदिर जिसके रहस्य आज तक अनसुलझे हैं: इति इतिहास, Ep 145
तमिलनाडु के तंजौर शहर में बृहदेश्वर मंदिर का निर्माण चोल शासन के राजराजा प्रथम ने कराया था. इस मंदिर को करीब साल 1003 से 1010 से बीच बनाया गया. भगवान शिव के इस मंदिर से कई रहस्य जुड़े हुए हैं. जानिए तमिलनाडु के बृहदेश्वर मंदिर का अनोखा रहस्य 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से.

मालिक से बदला लेने के लिए बिल्लियों की हत्या क्यों की गई?: इति इतिहास, Ep 144
सन 1730 के पेरिस में एक अजीब घटना घटी. घटना को नाम दिया गया 'द ग्रेट कैट मैसेकर'. क्या है इस द ग्रेट कैट मैसेकर की कहानी, मालिक से बदला लेने के लिए बिल्लियों की हत्या क्यों की गई? जानेंगे आज के 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से.

एक 'बाल्टी' के लिए दो राज्यों में हुई जंग, मारे गए 2000 सैनिक : इति इतिहास Ep 143
दुनियाभर में लड़े गए युद्धों की सूची बहुत लंबी है. इंसानों ने अनेक वजहों से एक से बढ़कर एक खतरनाक और हास्यास्पद युद्ध लड़े. 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से सुनिए कहानी उस जंग की, जब बाल्टी के लिए 2 हजार लोग मारे गए.

समंदर की बर्फ में फंसा एक 'भूतहा जहाज़' जिसका कैप्टन अपना आखिरी नोट लिखते हुए जम गया: इति इतिहास Ep 142
सालों पहले दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री रास्तों पर एक जहाज़ अपने सफर पर निकला. Jenny नाम के इस जहाज़ पर सवार लोगों पता ही नहीं था कि यह सफर इतना खतरनाक होने वाला है. आज के टइति इतिहासट में कहानी उस सफर की जिसने Jenny को एक 'भूतहा जहाज़' में तब्दील कर दिया, सुनिए 'नितिन ठाकुर' से. साउंड मिक्स- नितिन रावत

पाकिस्तानी तानाशाह के आगे न झुकने वाले पत्रकार ने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम को कैसे बदल दिया? : इति इतिहास Ep 141
पाकिस्तानी रिपोर्टर एंथनी मस्कारेन्हास ने ब्रिटेन के संडे टाइम्स एक आर्टिकल लिखा. इसमें बताया गया कि कैसे पाकिस्तान साल 1971 में अपने पूर्वी प्रांत को बचाने के लिए अत्याचारी रवैया अपना रहा है. इस लेख को सदी का सबसे असरदार आर्टिकल क्यों माना गया? कैसे इस आर्टिकल ने पूरा इतिहास ही बदलकर रख दिया? सुनिए 'इति इतिहास' के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से.

सालों पहले ओलंपिक विजेता को मेडल की जगह क्या मिलता था? : इति इतिहास Ep 140
ओलिंपिक मेडल्स जीतने के लिए दुनियाभर के खिलाड़ी हर चौथे साल एक जगह इकट्ठा होते हैं. इसकी टैली में एक एक मेडल के बढ़ने से खेल और अंतरराष्ट्रीय जगत में देश का सम्मान बढ़ता है. लेकिन क्या आपको पता है ओलंपिक में विजेता खिलाड़ियों को मेडल की जगह कुछ और मिलता था! सुनिए 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से.

कारगिल की जंग से पहले पाकिस्तानी सेना ने अपने प्रधानमंत्री को कैसे बेफकूफ़ बनाया?: इति इतिहास, Ep 139
कारगिल विजय दिवस के 25 साल पूरे हो गए हैं. 25 साल पहले पाकिस्तान LOC पार कर भारत में घुसा और इंडियन आर्मी ने पाकिस्तान को इस लड़ाई में धूल चटाई थी. लेकिन इस घुसपैठ और लड़ाई से पहले पाकिस्तान में एक मीटिंग हुई थी. इस मीटिंग में पाकिस्तान की सेना ने अपने ही प्रधानमंत्री को मूर्ख बनाया था. सुनिए पूरी कहानी 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से.

ओलंपिक में आखिरी बार कब खेला गया था क्रिकेट? कब होगी क्रिकेट की वापसी?: इति इतिहास, Ep 138
ओलंपिक के सैकड़ों सालों के इतिहास में कई ऐसे खेल थे जो पहले शामिल किए गए और बाद में बंद कर दिए गए. इन खेलों में क्रिकेट भी शामिल था. 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से जानिए कहानी 124 साल पहले ओलंपिक में खेले गए एकमात्र क्रिकेट मैच की.

भारत को ओलंपिक में गोल्ड दिलाने वाली हॉकी टीम की कहानी: इति इतिहास, Ep 137
ओलंपिक का जब भी ज़िक्र होता है तो भारतीय हॉकी का वह स्वर्णिम अतीत सुर्खियां बटोरता ही है, जब टीम ने एक के बाद एक गोल्ड मेडल्स जीते थे. आज के 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से सुनिए कहानी भारतीय हॉकी टीम के ओलंपिक में पहली बार क़दम रखने और गोल्ड मेडल जीतने की.

इजरायल का जासूस कैसे सीरिया का रक्षा मंत्री बनने वाला था?: इति इतिहास, Ep 136
एली कोहेन ने सीरिया में एक सीरियाई बिजनेसमैन के तौर पर एंट्री ली, वो बड़ी बड़ी पार्टियां दिया करते थे. इनमें सीरिया के बड़े मंत्री और डिप्लोमैट भी आते थे, यहां एली इनसे मुलाकात करके जान पहचान बढ़ाते थे. इन्हें महंगे तोहफे दिया करते थे. धीरे-धीरे करते हुए वो कैसे सत्ता के करीब आता गया और कैसे रक्षा मंत्री की कुर्सी पर बैठने वाला था, सुनिए नितिन ठाकुर से 'इति इतिहास' में. प्रोड्यूसर- अतुल तिवारी सा

रेलवे की गलती से अचानक ट्रेन का मालिक बन गया एक किसान: इति इतिहास, Ep 135
लुधियाना के एक जिला अदालत ने मुआवजे की मांग करने आए एक किसान को पूरा का पूरा ट्रेन सौंपने का आदेश क्यों सुना दिया? सुनिए इति इतिहास के इस एपिसोड में नितिन ठाकुर से.

ऐसा योगी जिसके लिए जॉन लेनन ने गाना लिखा 'महर्षि तुमने सबको बेवकूफ बनाया’: इति इतिहास, Ep 134
भारत में ऐसे कई योगी, तांत्रिक और बाबा हुए जिन्होनें दुनियाभर को आकर्षित किया. आज के इति इतिहास में कहानी अपनी करेंसी चलाने वाले उस योगी की जो अपने भक्तों को उड़ाना सिखाता था. प्रड्यूसर: अतुल तिवारी साउन्ड मिक्सिंग: सौरभ कुकरेती

भारत और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को अपने झांसे में लेने वाला तांत्रिक : इति इतिहास, Ep 133
'इति इतिहास' में कहानी तांत्रिक चंद्रास्वामी की, जिसका नाम ब्रिटेन की प्रधानमंत्री से लेकर दुनिया के कई ताक़तवर लोगों से जुड़ा. सुनिए नितिन ठाकुर से.

जींस की एक्स्ट्रा पॉकेट और बटन की कहानी क्या है? : इति इतिहास, Ep 132
कोई भी मौसम हो, जींस का फैशन एक एवरग्रीन फैशन है. लेकिन क्या आपने कभी जींस की पॉकेट्स पर ध्यान दिया है? क्या आप जानते हैं आखिर क्यों जींस में होती हैं छोटी पॉकेट? आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह इति इतिहास से 'नितिन ठाकुर' से.

समंदर के रास्ते दुनिया की सबसे खतरनाक जेल से कैदियों के भाग जाने की कहानी: इति इतिहास, Ep 131
अमेरिका की एक ऐसी जेल जिसे दुनिया की सबसे अभेद्य जेल माना जाता था। सैन फ़्रांसिस्को राज्य के एक आइलैंड पर बनी इस जेल अमेरिका के सबसे खूंखार अपराधी यहां रखे जाते थे। नर्क कहे जाने वाले इस खतरनाक जेल से कैसे फरार हुए कैदी? सुनिए 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से. प्रड्यूसर: अतुल तिवारी साउन्ड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह

हिटलर की शुरू की गई प्रथा जिसे पूरी दुनिया आज सेलिब्रेट करती है: इति इतिहास, Ep 130
दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी के साथ-साथ पूरी दुनिया में Denazification का एक अभियान चला, इसके तहत उन प्रतीकों को भी हटाया गया जिससे हिटलर के नाज़ी पार्टी का रिश्ता था इसके लिए बहुत पैसे भी ख़र्च किए गए लेकिन क्या आपको पता है हिटलर की सरकार में नाज़ी पार्टी ने एक ऐसी प्रथा की शुरुआत की, जिसे आज पूरी दुनिया बड़े धूम-धाम से मनाती है, सुनिए 'इति इतिहास' में नितिन ठाकुर से. प्रोड्यूसर- कुंदन साउंड मि

निर्दलीय विधायक कैसे बन गया सूबे का सीएम?: इति इतिहास, Ep 129
बिहार से अलग होकर नया राज्य बनने के बाद झारखंड राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा था. 6 साल में प्रदेश ने 4 सीएम देख लिए थे. एक दिन सीएम अर्जुन मुंडा का अपने कैबिनेट मंत्री से खटपट हो गया. मंत्री का नाम मधु कोड़ा था, जो निर्दलीय विधायक के तौर पर जीतकर आया था और सरकार को सपोर्ट दे रहा था. विवाद के बाद उसने अपने हाथ खींच लिए और ख़ुद ही सीएम की कुर्सी पर जा बैठा. लेकिन ख़ुद की पार्टी और सरकार बनाने के
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