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Shiv Puran with Abhijit Sharmaa " शिव पुराण, अभिजीत शर्मा के साथ "

Shiv Puran with Abhijit Sharmaa " शिव पुराण, अभिजीत शर्मा के साथ "

Abhijit Sharmaa 83 episodes Latest Aug 7, 2025

भारतवर्ष में संस्कृति, ज्ञान और बहुत कुछ का महान खजाना है। आइए इसे साझा करें। यह पॉडकास्ट शिव पुराण पर आधारित है, जिसे अभिजीत शर्मा प्रस्तुत करते हैं।

Episodes

E82 || Shiv Puran with Abhijit || killing of Shankhachud with Rudra's trident(Trishool) Aug 7, 2025 00:18:42 शिव पुराण - द्वितीय संहिता - रूद्र संहिता - पंचम खंड : युद्ध खंड अध्याय ३६ -४० : देवताओं और दानवोंका युद्ध, शंखचूडके साथ वीरभद्रका संग्राम उसके साथ भद्रकालीका भयंकर युद्ध करना और आकाशवाणी सुनकर निवृत्त होना, शिवजीका शंखचूडके साथ युद्ध और आकाशवाणी सुनकर युद्धसे निवृत्त हो विष्णुको प्रेरित करना, विष्णुद्वारा शंखचूडके कवच और तुलसीके शीलका अपहरण, फिर रुद्रके हाथों त्रिशूलद्वारा शंखचूडका वध, शंखकी उत्प
E81 || Shiv Puran with Abhijit || Rudra sets out for the war along with his followers, sons and Bhadrakali Aug 5, 2025 00:17:42 शिव पुराण - द्वितीय संहिता - रूद्र संहिता - पंचम खंड : युद्ध खंड अध्याय : ३१ - ३५ : देवताओं का रूद्र के पास जाकर अपना दुःख निवेदन करना, रूद्र द्वारा उन्हें आश्वासन और चित्ररथ को शंखचूड़ के पास भेजना, चित्ररथ के लौटनेपर रूद्रका गणों , पुत्रों और भद्रकाली सहित युद्ध के लिए प्रस्थान, उधर शंकचूड़ का सेना सहित पुष्पभद्रा के तट पर पड़ाव डालना तथा दानवराज के दूत और शिवजीकी बातचीत Chapter 31-35: The Devtas g
E80 || Shiv Puran with Abhijit || Coronation of Shankhachud as king of demons and his usurping the power of the devtas Aug 4, 2025 00:15:07 शिव पुराण - द्वितीय संहिता - रूद्र संहिता - पंचम खंड : युद्ध खंड अध्याय : ३० : शंखचूड़ का असुर राज्य पर अभिषेक और उसके द्वारा देवताओं अधिकार छीना जाना , देवोंका ब्रह्मकी शरण में जाना, ब्रह्मा का उन्हें साथ लेकर विष्णु के पास जाना, विष्णु द्वारा शंखचुड़के जन्म का रहस्योद्घाटन और फिर सबका शिवजी के पास जाना और शिव सभा में उनकी झांकी करना तथा अपना अभिप्राय प्रकट करनाChapter 30: Coronation of Shankhachud
E79 || Shiv Puran with Abhijit || Shankhachud marrying Tulsi in the Gandharva marriage ritual Aug 1, 2025 00:17:36 शिव पुराण - द्वितीय संहिता - रूद्र संहिता - पंचम खंड : युद्ध खंड अध्याय १३-२९ दम्भ की तपस्या और विष्णु द्वारा उसे पुत्र प्राप्ति का वरदान, शंखचूड़ का जन्म, तप और उसे वर-प्राप्ति, ब्रह्मजीकी आज्ञा से उसका पुष्कर में तुलसी के पास आना और उसके साथ वार्तालाप, ब्रह्मा जी का पुनः वहां प्रकट होकर दोनोंको आशीर्वाद देना और शंखचूड़ का गन्धर्व विवाह की विधि से तुलसी का पाणिग्रहण करनाChapter 13-29 Dambh's pe
E78 || Shiv Puran with Abhijit || Maydanav gets boon from Shivji, and goes to the Vital-lok Jul 30, 2025 00:09:33 शिव पुराण - द्वितीय संहिता - रूद्र संहिता - पंचम खंड : युद्ध खंड अध्याय ११-१२ देवोंके सत्वन से शिवजी का कोप शांत होना और शिवजी का उन्हें वर देना, मयदानवका शिवजी के समीप आना और उनसे वर-याचना करना, शिवजी से वर पाकर मय का वितल लोकमें जानाChapter 11-12 - Shiva's anger is pacified by the prayers of the Devtaas and Shivji grants them a boon, Maydanav comes to Shivji and asks for a boon from him, May
E77 || Shiv Puran with Abhijit || Reason for Bhagwab Shivji’s name being Pashupati Jul 28, 2025 00:23:19 शिव पुराण - द्वितीय संहिता - रूद्र संहिता - पंचम खंड : युद्ध खंड अध्याय ९-१० : सर्वदेवमय रथका वर्णन, शिवजी का उस रथपर चढ़कर युद्ध के लिए प्रस्थान, उनका पशुपति नाम पड़ने का कारण, शिवजी द्वारा गणेशका पूजन और त्रिपुर दाह, मयदानव का त्रिपुर से जीवित बच निकलनाChapter 9-10: Description of the Sarvdevmay chariot, Shivji riding on that chariot and leaving for the war, the reason for his name being Pashupati
E76 || Shiv Puran with Abhijit || Vishnuji, Brahmaji and devtaas convincing Bhagwan Shivji to Kill Tripur Jul 26, 2025 00:18:09 शिव पुराण - द्वितीय संहिता - रूद्र संहिता - पंचम खंड : युद्ध खंड अध्याय ६ -८ : देवों का शिवजीके पास जाकर उनका स्तवन करना, शिवजीके त्रिपुरवध के लिये उद्यत न होनेपर ब्रह्मा और विष्णुका उन्हें समझाना, विष्णुके बतलाये हुए शिव-मन्त्रका देवोंद्वारा तथा विष्णुद्वारा जप, शिवजीकी प्रसन्नता और उनके लिये विश्वकर्माद्वारा सर्वदेवमय रथका निर्माणChapter 6 - 8: The gods going to Lord Shiva and praising him, Brah
E75 || Shiv Puran with Abhijit || Vishnuji enchants Tarakaputras on Shivji's advice and corrupts them Jul 24, 2025 00:07:53 शिव पुराण - द्वितीय संहिता - रूद्र संहिता - पंचम खंड : युद्ध खंड अध्याय : २ - ५ : तारकपुत्रों के प्रभाव से संतप्त हुए देवोंकी ब्रह्मा के पास करुण पुकार, ब्रह्मा का उन्हें शिव के पास भेजना, शिव की आज्ञा से देवोंका विष्णु की शरण में जाना और विष्णु का उन दैत्यों को मोहित करके उन्हें आचारभ्रष्ट करनाChapters: 2 - 5: The Devtas, distressed by the influence of Tarakaputras, cry to Brahma, Brahma sends th
E74 || Shiv Puran with Abhijit || Penance of Tarakaksh, Vidyunmali and Kamalaksh, and boons granted to them by Brahmaji Jul 23, 2025 00:14:21 शिव पुराण - द्वितीय संहिता - रूद्र संहिता - पंचम खंड : युद्ध खंड अध्याय १ : तारकपुत्र तारकाक्ष, विद्युन्माली और कमलाक्ष की तपस्या, ब्रह्मा द्वारा उन्हें वर- प्रदान, मय द्वारा उनके लिए तीन पुरों का निर्माण और उनकी सजावट-शोभा का वर्णनChapter 1: Description of the penance of Tarakaputras Tarakaksh, Vidyunmali and Kamalaksh, the boons granted to them by Brahma, the construction of three cities for the
E73 || Shiv Puran with Abhijit || Marriage of Ganesh with Siddhi and Buddhi, Kumar going to Kronch mountain in anger Jul 22, 2025 00:16:21 शिव पुराण - द्वितीय संहिता - रूद्र संहिता - चतुर्थ खंड : कुमार खंड अध्याय २० : स्वामी कार्तिक और गणेश की बाल लीला, दोनों का परस्पर विवाह के विषय में विवाद, शिवजी द्वारा पृथ्वी परिक्रमा का आदेश, कार्तिकेयका प्रस्थान, गणेशका माता-पिता की परिक्रमा करके उनसे पृथ्वी परिक्रमा स्वीकृत कराना, विश्वरूप की सिद्धि और बुद्धि नामक दोनों कन्याओं के साथ गणेश का विवाह और उनसे क्षेम तथा लाभ नामक दो पुत्रों की उत्प
E72 || Shiv Puran with Abhijit || Shivji makes Ganeshji the Ganadhyaksha (First to be worshipped) Jul 21, 2025 00:15:03 शिव पुराण - द्वितीय संहिता - रूद्र संहिता - चतुर्थ खंड : कुमार खंड अध्याय १९ : पार्वती द्वारा गणेश को वरदान, देवों द्वारा उन्हें अग्रपूज्य माना जाना, शिवजी द्वारा गणेश को सर्वाध्यक्ष पद प्रदान और गणेश चतुर्थी व्रत का वर्णन, तत्पशचात सभी देवताओं का उनकी स्तुति करके हर्षपूर्वक अपने अपने स्थान को लौट जानाChapter 19: Parvati gives a boon to Ganeshji, the devtaas consider him the most worthy of worship
E71 || Shiv Puran with Abhijit || Shivji beheading Ganeshji, then as per Shivji's order, elephant's head was brought and by joining it to Ganesh's body, he was brought back to life. Jul 18, 2025 00:18:37 शिव पुराण - द्वितीय संहिता - रूद्र संहिता - चतुर्थ खंड : कुमार खंड अध्याय : १३ - १८ :शिवाका अपनी मैलसे गणेशको उत्पन्न करके द्वारपाल-पदपर नियुक्त करना, गणेश द्वारा शिवजीके रोके जानेपर उनका शिवगणोंके साथ भयंकर संग्राम, शिवजी द्वारा गणेशका शिरश्छेदन, कुपित हुई शिवाका शक्तियों को उत्पन्न करना और उनके द्वारा प्रलय मचाया जाना, देवताओं ऋषियोंका स्तवनद्वारा पार्वतीको प्रसन्न करना, उनके द्वारा पुत्रको जिल

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